23 December 2023

डबवाली अग्निकांड: 'माय-बाप' ने नहीं, ‘कानून की देवी’ ने रखा 'सिर' पर 'हाथ'



मौत का बुलावा साबित हुआ था डीएवी स्कूल का वार्षिक समारोह, 442 चढ़े थे आग की भेंट

इकबाल सिंह शांत/93178-26100

डबवाली: 23 दिसंबर 1995 को घटित डबवाली अग्निकांड की त्रासदी 28 वर्ष बाद भी ज़हन में आते ही दिलों-दिमाग सिहर जाता है। एक ऐसा खौफनाक हादसा जिसमें महज़ चंद मिंटों की आग अपने पीछे सदियों के लिए दर्दनाक संताप छोड़ गई। दुनिया इस हादसे को सूरज-चंद के वजूद तक भूल नहीं पायेगी, डबवाली के शरीर पर आग के जख्म सदा नासूर के रूप में ताज़ा रहेंगे। अग्निकांड ने 1995 में करीब 41-42 हज़ार की आबादी वाले डबवाली में चंद मिनटों मे एक फीसदी आबादी को कम कर दिया था।



 हर तीसरे परिवार को प्रभावित किया

त्रासदी की आग ने डबवाली के लगभग हर तीसरे परिवार को प्रभावित किया। ‘काले’ व ‘बुरे’ शब्दों में कहा जाये तो ‘442 जनों के लिए मौत का बुलावा साबित हुआ था राजीव मैरिज पैलेस में आयोजित डीएवी स्कूल का वार्षिक समारोह।‘

 समारोह के दौरान  1 बजकर 47 मिनट पर मेन गेट के पास शार्ट-सर्किट हुआ था। जिसकी चिंगारी सिंथैटिक कपड़े से बने पंडाल पर जा गिरी। चंद सैकेंडों में ही इस चिंगारी ने एक विकराल रूप धारण कर लिया और पंडाल को अपनी लपेट में ले लिया। पंडाल में बैठे लोगों में जबरदस्त भगदड़ मच गई।

समारोह में मौजूद करीब 15 सौ लोगों में से 442 लोग हादसे की आग में झुलस कर काल का ग्रास बन गये। मृतकों में 258 बच्चे, 150 महिलाएं व 44 पुरुष शामिल थे। 150 सौ से ज्यादा गंभीर रूप से घायल हुए थे। जिनमें से 22 दिव्यांग हो गये। बहुतेरे अपने चेहरा, हाथ, कान, नाक व टांगे तक गुआ दी, उनके लिए हादसे के नासूर बने जख्म उनके लिए पल-पल का दर्द बन चुके हैं। हादसे में बड़ी संख्या में मौतों के कारण बड़ी संख्या में परिवारों पर वजूद तक का संकट आ गया था। त्रासदी में कसूर भले किसी का भी रहा हो, उसका हिसाब कानूनी अख्तियारों ने वक्त-दर-वक्त किया। इसके बावजूद हादसे की आग से समाज व सरकारों ने सबक नहीं लिया।




कभी नीतियाँ आड़े आई, तो कहीं गैर-सुंदर चेहरा बने मुश्किल

दुखांत है कि मुश्किलों भरी आधी-अधूरी जिंदगी में अग्नि पीड़ितों को शारीरिक दिक्कतों के अतिरिक्त कानूनी लड़ाई के लिए दोहरा संघर्ष करना पड़ा। गत 28 वर्षों में तत्कालीन भजन लाल सरकार द्वारा प्रारंभिक इलाज व अंतरिम राहत के बाद देश-समाज की ‘जिंदा’ माय-बाप अर्थात केंद्र अथवा राज्य सरकार किसी स्तर पर अग्नि पीड़ितों के साथ खड़ी नजर नहीं आई। पीड़ितों को डबवाली अग्नि पीड़ित संघ व अधिवक्ता अंजू अरोड़ा की करीब 18 वर्षों की लंबी जद्दोजहद में कानून की देवी (पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय) ने पीड़ितों को इंसाफ दिया व डीएवी संस्था व हरियाणा सरकार से लगभग 46 करोड़ रुपये का मुआवजा का फैसला दिया। मुआवजे से आर्थिक सहारा तो मिला, परन्तु दिव्यांग हुए ज़रूरतमंद पीड़ितों को सरकार से रोजगार वाले हाथ व पांव नहीं मिल सके। उनके रोजगार के लिए कभी सरकारी नीतियाँ आड़े आई, तो कहीं पढ़े-लिखे अग्निपीड़ितों का सौ फीसदी झुलसा गैर-सुंदर चेहरा नौकरी में मुश्किल बन गया।



जगह नहीं बना सका वोटों का ‘दिव्यांग’ वजन 

राज्य सरकार के असहयोग के चलते पीड़ितों को इलाज के लिए बार-बार उच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा। हादसे के बाद बर्न यूनिट जैसे सरकारी आज तक वायदे वफा नहीं हुए। अग्नि पीड़ितों के मुताबिक शायद सरकार के कोटे में भावनाए/मुश्किलों से ज्यादा वोट बैंक की कद्र है। तभी उनके वोटों का ‘दिव्यांग’ वजन सरकार के मन में जगह नहीं बना सका। इसी कारण पौने तीन दशक के बाद आज तक अग्निकांड स्मारक को राज्य-स्तरीय दर्जा नहीं मिल सका। ताकि आगामी पीढियां स्मारक के जरिये अग्नि हादसों के प्रति जागरूक व चौकस हो सकें।


समय-समय पर करवाया साथ खड़े का अहसास

डबवाली क्षेत्र से प्रदेश राजनीति की स्थापित हस्तियों ने समय-समय पर अपने सामर्थ्य से अग्निकांड स्मारक व पीड़ितों के साथ खड़े का अहसास करवाया, परन्तु प्रदेश की ‘माय-बाप’ असल राज्य सरकार नीतिगत तौर पर कभी अग्नि पीड़ितों के साथ खड़ी नजर नहीं आई।


हादसे की सबसे 'प्रेरणास्पद' बात

खौफनाक अग्निकांड में भी कुछ प्रेरणास्पद पल घटित हुए। हादसे के बाद समूचा डबवाली क्षेत्र एक साथ खड़ा नजर आया, उस समय शहर भर में यहाँ के पेट्रोल पंपों पर घायलों को बड़े अस्पतालों में ले जाने को डीजल-पेट्रोल मुफ्त कर दिया गया था, वहीं टैक्सी गाड़ियाँ भी मुफ्त में चंडीगढ़, दिल्ली व लुधियाना तक घायलों को लेकर गई। हर कोई अपनी निजी जिंदगी को दरकिनार करके हफ्तों तक पीड़ित के इलाज के लिए उनके साथ खड़ा रहा। उस हादसे के मातमी माहौल से उभरने में शहर की आम जिंदगी को पूरा एक दशक लगा था।

 

(सभी चित्र साभार)



21 December 2023

हकीकत परख: मुख्यमंत्री व विधायक के सवाल-जवाब की; कागजों में सिंथेटिक ट्रैक है तो कागज़ों में खर्च भी करोड़ों हुये होंगे



- डबवाली के खेल स्टेडियम में चार सौ मीटर सिंथेटिक ट्रैक नहीं, बल्कि मिट्टी का ट्रैक

- किसके ‘गुड फेथ’ में ‘मनो’ ने पढ़ दिया सदन में ‘दू टूक’ जवाब?


इकबाल सिंह शांत

डबवाली:हरियाणा के मुख्य मंत्री-कम-खेल मंत्री मनोहर लाल विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायक अमित सिहाग एक सवाल के जवाब में बताते हैं कि डबवाली के श्री गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम में 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक बना है। जबकि सवालकर्ता डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने मुख्य मंत्री के जवाब में हकीकत से सौ कोस का अंतर बताते हुए धरातल पर कोई सिंथेटिक ट्रैक न होने के खुलासा करके प्रदेश सरकार के कार्य तंत्र पर प्रश्न चिंह लगा दिया। 

विधानसभा में उठे मामले को दोनों पक्षों के दावों को परखने के लिए श्री गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम को पहुंचा गया तो वहां के हालात बद से बदतर मिले। स्टेडियम में चार सौ मीटर सिंथेटिक ट्रैक का नामोनिशान तो दूर वहां खिलाडियों के दौड़ने के लिए कच्चा ट्रैक भी ढंग से व्यवस्थित नहीं है। सुविधा के नाम पर पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं है। इनडोर स्टेडियम के टूटे-फूटे दरवाजे, बिजली के टूटे हुए बोर्ड से लटकती नंगी तारें मौत को खुला बुलावा दे रही है।  हैरानीजनक तथ्य हैं कि प्रदेश के मुखिया को ऐसी गलत जानकारी किस रिकार्ड के आधार मुहैया करवाई गई।   

खेल स्टेडियम 1500 मीटर दौड़ के लिए प्रेक्टिस कर रहे नवयुवक कृष व अजय से पूछा गया कि विधान सभा में खुलासा हुआ है कि डबवाली के खेल स्टेडियम में 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक बना हुआ है, जिस पर नवयुवकों ने हैरानी ज़ाहिर करते कहा कि काश यह कथन सत्य होते। उन्हें नित्य-प्रति कच्चे ट्रैक पर प्रेक्टिस करनी पडती है। सिंथेटिक ट्रैक होता तो उन्हें राष्ट्रीय स्तर के दौड़ मुकाबलों के काबिल बनने में आसानी होती। युवक रोहित, जगदीप व अभिषेक ने कहा कि यह नाम का स्टेडियम है, जिसकी दशा सुधारने पर कभी कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में खेल प्रशिक्षक तो दूर कोई चौकीदार तक नहीं है, यहाँ के टूटे-फूटे, दीमक व सीलन से अटे पड़े कमरों में नशेडियों की महफ़िलें सजती हैं। 


सिंथेटिक ट्रैक नहीं, सिर्फ मिट्टी का ट्रैक है : डीएसओ

श्री गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम के 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक की खेल विभाग में हकीकत परखने पर जिला खेल अधिकारी शमशेर सिंह ने बताया कि डबवाली के खेल स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक नहीं है, वहां तो मिट्टी का ट्रैक है, स्टेडियम में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत 25 गुना 25 मीटर का स्विमिंग पूल बनेगा। अधिकारी ने बताया कि पिछले समय में पहले स्विमिंग पूल बनने की आवाजें उठी थी। तत्कालीन उपायुक्त व डीएसओ ने स्विमिंग पूल को लिखती तौर अनुचित करार दिया था। फिर एथेलेटिक्स ट्रैक की बात चली, फिर उसकी भी न हो गई। उसके बाद बीस कमरे व हॉल की बात चली, वो भी कैंसिल हो गई। अब दुबारा स्वीमिंग पूल ही फाइनल कर दिया।


जांच का विषय: कागजों में सिंथेटिक ट्रैक है, तो कागज़ों में खर्च भी करोड़ों हुये होंगे 

बड़ा संगीन मामला है कि विधानसभा में विधायक द्वारा पूछे सवाल पर खेल विभाग/मुख्य मंत्री कार्यालय में से प्रदेश के मुख्यमंत्री को गलत जानकारी मुहैया करवाई। हकीकत में सरकार द्वारा जिसका धरातल पर कोई वजूद कायम नहीं किया गया है, वह सरकारी रिकार्ड में निर्मित दिखाया गया है। जिसका जवाब ‘गुड फेथ’ में मुख्य मंत्री-कम-खेल मंत्री ने अधिकारियों द्वारा लिखित में आये जवाब को दू टूक सदन में पढ़ दिया व विधायक के जवाब से उन्हें सदन में अपने शब्दों में फीका पड़ना पड़ा। जाँच का विषय है कि यदि सरकारी रिकार्ड में डबवाली के श्री गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम में 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक बना हुआ है तो उस पर लाखों-करोड़ों रूपये भी खर्च हुए होंगे। उसके बही-खाते खंगालने भी लाजमी है, इससे भी बड़ा सवाल है यदि यहाँ ऐसा हुआ तो ओर भी बहुत मामले होंगे, जिनमें सिर्फ कागजों में विकास कार्य हुये और उनकी धरातल हकीकत से जमीन से अनजान व वीरानी है। 

मो: 93178-26100

04 November 2023

'उधम' का रुतबा 'खास': सवा लाख 'आम' व 'ख़ास' चखेंगे व्यंजनों का स्वाद, इनेलो दिखाएगी सियासी 'दम-खम'



- 16 एकड़ में लगा पंडाल, 150 हलवाई दर्जनों व्यंजन बनाने में जुटे 
- आज सिरसा जिला व रिश्तेदार, कल हरियाणा भर से शामिल होंगे एक लाख लोग 


* इकबाल सिंह शांत 

डबवाली: जननायक की पांचवीं पीढ़ी के वंशज उधम सिंह चौटाला का अपना खास रुतबा हो चला है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के इस ‘ज्येष्ठ’ पड़पौत्र के कुआं पूजन समारोह में करीब सवा लाख लोग देसी घी के दर्जनों व्यंजनों का स्वाद चखेंगे। 

शनिवार से तेजाखेडा फार्म हाउस में हर्षोउल्लास से भरे दो दिवसीय समारोह में चौटाला परिवार के सामाजिक व इनेलो के सियासी दम-खम की परंपरागत झलक देखने को मिलेगी। जानकारी के मुताबिक चौधरी ओम प्रकाश चौटाला व बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह सहित घर के बड़े बुजुर्ग रिश्तेदार उधम को विशेष तौर पर आशीर्वाद देने के मौजूद रहेंगे। सियासी विश्लेषक के मुताबिक हर्षोउल्लास भरे समारोह को इनेलो की सत्ता से लंबी दूरी के बावजूद जमीनी स्तर पर जनआधार दर्शाने की सियासी कवायद का हिस्सा भी माना जा रहा है। 

घर में ‘तूफ़ान मेल’ के नाम से बुलाये जाते महज 11 माह के उधम चौटाला के दादा अभय सिंह चौटाला, पिता अर्जुन चौटाला व ताऊ कर्ण चौटाला द्वारा प्रदेश के प्रमुख सियासी लोगों से लेकर हजारों खास व आम को न्योता दिया गया है। 

आज 4 नवंबर (शनिवार) को परिवारक रिश्तेदारों व सिरसा जिला के करीब 25 हजार लोगों व कार्यकर्तायों के लिए प्रीतिभोज रखा गया है, जबकि 5 नवंबर (रविवार) को हरियाणा भर से लगभग एक लाख लोग कुआं पूजन समारोह में शिरकत करेंगे। अतिथियों के लिए विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने के रोहतक के 150 हलवाईयों की टीम बड़ी मशक्कत से जुटी है। लगभग राजसी ताम-झाम वाले समारोह के लिए 16 एकड़ में पंडाल लगाया गया है। जबकि 25 एकड़ रकबे में अतिथियों के व्हीकलों की पार्किंग व्यवस्था की गई है। डबवाली जिला पुलिस के प्रमुख सुमेर सिंह ने बताया कि समारोह में पहुंचने वाले वीआईपीज की आमद के बारे में अभी तक ऑफिसियल निर्देश नहीं आये हैं। 


ओम प्रकाश धनखड़ शुभकामनाएं पहुंचे 



भाजपा के वरिष्ठ नेता व राष्ट्रीय सचिव औम प्रकाश धनखड़ शुक्रवार को देर सायं गांव चौटाला में चौ. अभय सिंह चौटाला के पौत्र उधम चौटाला के कुआं पूजन की शुभकामनाएं देने पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री चौ. ओम प्रकाश चौटाला से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस अवसर पर नन्हें उधम सिंह चौटाला को आशीर्वाद भी दिया। श्री धनखड़ ने करीब एक घंटा तेजाखेड़ा फार्म पर भी बिताया और काफिले के साथ राजस्थान रवाना हो गए। इस अवसर पर गौरव मोंगा, सुनील डूडी, प्रदीप गोदारा, कुलदीप गोदारा, प्रताप सिंह पूर्व ओएसडी, अजनीष कैनेडी सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।


परिवहन व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे युवा कार्यकर्ता 

अतिथियों के हजारों व्हीकलों की आमद के मद्देनजर बकायदा ‘हेल्प डेस्क’ कायम की गई। परिवहन व्यवस्था का जिम्मा इनेलो युवा कार्यकर्ता व गाँव वासी संभालेंगे। समारोह के लिए बकायदा रूट प्लान भी जारी किया गया है। पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाने हेतू युवा कार्यकर्ता बकायदा मोटर साइकिलों पर गतिशील रहेंगे। वरिष्ठ इनेलो नेता संदीप चौधरी बताते है कि समारोह में व्हीकलों की आमद गाँव आसाखेडा के रास्ते होगी, जबकि वापसी के लिए गाँव तेजाखेडा के जरिये रास्ता तय किया गया है।

17 February 2023

डबवाली में एस.डी.एम. तैनाती में हमेशा ‘तंगदिल’ रही खट्टर सरकार


ट्टर सरकार के 3034 दिनों में 15 एस.डी.एम. रहे तैनातसिर्फ़ 3 कर सके 1 वर्ष पूरा

 - आठ वर्षों से उपमंडल का कार्य तंत्र धीमी चाल में


 - डबवाली व ओढां में बी.डी.पी.ओ के पद भी खाली 

 

इकबाल सिंह शांत

डबवाली: उपमंडल डबवाली में उपमंडल अधिकारी ना. (एस.डी.एम.) की तैनाती के मामले में हरियाणा सरकार का हाथ हमेशा तंगदिली वाला रहा है। सूबा सरकार द्वारा बीते कल जारी आई..एस और एच.सी.एस अधिकारियों की तबादला सूची में डबवाली के हिस्से में कोई एस.डी.एमनहीं आया। अन्तर्राज्यीय त्रिवेणी पर स्थित उपमंडल में एस.डी.एमका पद दो जनवरी 2023 को एस.डी.एमशंभू राठी के तबादले के उपरांत खाली पड़ा है। सिरसा के सी.टी.एम अजय कुमार जांगड़ा को दिया अतिरिक्त प्रभार प्रभार भी गत फरवरी 2023  को समाप्त हो चुका है। अब डबवाली उपमंडल पूरी तरह प्रशासनिक छत्रछाया से महरूम है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के अब तक 3034 दिनों के कार्यकाल में एस.डी.एमडबवाली का पद लगातार तबादलों का शिकार रहा है। उपमंडल को मनोहर लाल सरकार में 15 एस.डी.एममिले हैं। जिनमें से पाँच एस.डी.एम. 100 दिन से भी कम तक तैनात रहे सके। जिनमें संजय कुमार (महज़ 69 दिन), अश्वनी कुमार (महज़ 43 दिन), सतीश कुमार ( महज़ 24 दिन), निर्मल नागर (महज़ 21 दिनऔर शंभू राठी ( महज़ 97 दिनशामिल हैं। यहाँ सिर्फ़ तीन आधिकारी संगीता तेतरवाल आई..एस. (473 दिन), अश्वनी कुमार (371 दिनऔर राजेश पूनिया (407 दिनबतौर एस.डी.एमएक वर्ष का कार्यक्रम पूरा करने में सफल रहे। जबकि एच.सी.एसअधिकारी सुरेश कस्वां (298 दिन), रानी नागर (232 दिन) व विनेश कुमार (332 दिनडबवाली उपमंडल में सेवाएं निभा सके। पिछले सवा आठ वर्षों में एस.डी.एम. की कम समय की तैनाती व जल्दी तबादलों के चलते क्षेत्र के विकास को सही दिशा नहीं मिल सकी। डबवाली के साथ प्रशासनिक अनदेखी का मामला सिर्फ यहाँ तक सीमित नहीं हैं, उपमंडल के अधीन पड़ते डबवाली व ओढां ब्लाकों में भी ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी के पद भी खाली पड़ें हैं। इन पदों पर भी अतिरिक्त प्रभार से वक्त निकाला जा रहा है। एस.डी.एम. कार्यालय में विशेषकर व्हीकल रजिस्ट्रेशन व सिविल सर्विसेज स्तर के अधिकारियों द्वारा निपटाए जाने वाले उपमंडल स्तरीय मामले लटके रहते हैं। हर बार तैनात उपमंडल अधिकारी (ना.) अपने जल्दी तबादले का ख़ौफ़ दर्शा कर ज़मीन से जुड़े सार्वजनिक मुद्दों पर कार्यवाही से कन्नी कतरा जाते हैं। पहले भाजपा सरकार और अब भाजपा-जजपा सरकार में भी डबवाली के लिए प्रशासनिक तैनाती पक्ष में कोई सुधार नहीं आया। उपमंडल अधिकारी (ना.) की बार-बार की तबादलेबाज़ी के कारण तहसील और दूसरे दफ्तरों में भ्रष्टाचार चरम सीमा और प्रशासनिक ख़ौफ़ 'ज़ीरो' (0) तक पहुँच गया है। उपमुख्य मंत्री दुश्यंत चौटाला के पारिवारिक गढ़ डबवाली को प्रशासनिक 'चौधर’ से आधा-अधूरा रखना कोई राजनैतिक इशारों की ओर अनगित करता है।

 दूसरी तरफ़ डबवाली के कांग्रेसी विधायक अमित सिहाग ने कहा कि उन्होंने डबवाली में उपमंडल अधिकारी (ना.) की तैनाती के बारे में जनवरी माह में मुख्यमंत्री हरियाणा को पत्र लिखा था। अब तक तैनाती न होने पर मुद्दा विधानसभा सैशन में उठाया जायेगा। 

मोबाइल: 93178-26100

28 September 2022

'ਸਣੇ ਸਫਾਰੀ ਚੱਕਾਂਗੇ ਹੁਣ ਵੱਡੇ ਮਿਰਜੇ ਨੂੰ' ਗੀਤ ਲਿਖਣ ਵਾਲਾ 'ਸੀਰਾ ਸਿੰਘੇਵਾਲਾ' ਨਹੀਂ ਰਿਹਾ


ਸੀਰੇ ਨੂੰ ਖੁੱਲ੍ਹਮ-ਖੁੱਲ੍ਹਾ ਗਿਲਾ ਸੀ ਕਿ ਉਸਦੇ ਲਿਖੇ ਹੋਏ ਮਕਬੂਲ ਗੀਤਾਂ ਨਾਲ ਵੱਡੇ-ਵੱਡੇ ਗਾਇਕ ਕਰੋੜਾਂ ਰੁਪਏ ਕਮਾ ਗਏ। ਜਦਕਿ ਉਸਦੇ ਪੱਲੇ ਕੱਖ ਵੀ ਨਹੀਂ ਪਿਆ.......


ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਸ਼ਾਂਤ

ਡੱਬਵਾਲੀ: ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਈ ਗਾਇਕਾਂ ਦੀ ਗਾਇਕੀ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਸ਼ਬਦਾਂ ਨਾਲ ਨਿਖਾਰਨ ਵਾਲਾ ਨਾਮੀ ਗੀਤਕਾਰ ਸੀਰਾ ਸਿੰਘੇਵਾਲਾ ਅੱਜ ਬੇਵਕਤੀ ਜਹਾਨੋਂ ਤੁਰ ਗਿਆ। ਉਸਨੂੰ 27 ਸਤੰਬਰ ਨੂੰ ਉਸਦੇ ਘਰ ਪਿੰਡ ਸਿੰਘੇਵਾਲਾ-ਫਤੂਹੀਵਾਲਾ ਵਿਖੇ ਖੂਨ ਦੀ ਉਲਟੀ ਆਈ। ਕੁੱਝ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਹੀ ਉਸਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ। ਇਸ ਅਚਨਚੇਤੀ ਭਾਣੇ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬੀ ਸੰਗੀਤ ਜਗਤ ਵਿੱਚ ਦੁੱਖ ਦੀ ਲਹਿਰ ਫੈਲ ਗਈ ਹੈ।

ਗਰੀਬ ਘਰ 'ਚ ਪੈਦਾ ਹੋਏ ਕਰੀਬ 35-36 ਸਾਲਾ ਸੀਰਾ ਸਿੰਘੇਵਾਲਾ ਨੇ ਥੋੜ੍ਹੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਗੀਤਕਾਰੀ 'ਚ ਲੰਮਾ ਪੈਂੜਾ ਤੈਅ ਕੀਤਾ ਸੀ। ਉਸਦਾ ਬਾਈ ਅਮਰਜੀਤ ਦੀ ਐਲਬਮ ਹੀਰੋ ਵਿੱਚ 'ਕਾਲੀ ਜਿਪਸੀ ਨੂੰ ਹੱਥ ਕਿਹੜਾ ਪਾਊ' ਪਹਿਲਾ ਗੀਤ ਰਿਕਾਰਡ ਹੋਇਆ ਸੀ। ਫਿਰ ਬਾਈ ਅਮਰਜੀਤ ਅਤੇ ਮਿਸ ਪੂਜਾ ਦੀ ਅਵਾਜ਼ ਵਿੱਚ 'ਸਣੇ ਸਫਾਰੀ ਚੱਕਾਂਗੇ ਹੁਣ ਵੱਡੇ ਮਿਰਜੇ ਨੂੰ...' ਅਤੇ 'ਟੀਚਰ ਲੱਗੀ ਏ ਸਰਕਾਰੀ ਵੇ ਤੂੰ ਐਸ਼ ਕਰੇਂਗਾ...'ਆਦਿ ਗੀਤ ਆਏ। ਸੀਰਾ ਸਿੰਘੇਵਾਲਾ ਵੱਲੋਂ ਲਿਖਿਤ ਗੀਤ 'ਓਸੇ ਖੂਹ ਤੇ ਲਾਸ਼ ਲਟਕਦੀ ਵੇਖੀ ਮੈਂ' ਨੂੰ ਗਾਇਕ ਰਾਣਾ ਸੰਧੂ ਨੇ ਗਾਇਆ।

* ਮਕਬੂਲੀਅਤ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਤਰੱਕੀ ਦੇ ਸਿਖ਼ਰ ਜੂਝਦਾ ਰਿਹਾ

ਉਸਦੇ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕ੍ਰਾਂਤੀਕਾਰੀ ਝਲਕ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਵਰਗ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤੇ ਵਿੱਥਿਆ ਝਲਕਦੀ ਰਹੀ। ਉਹ ਆਖਦਾ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ਕਿ ਜਦੋਂ ਦੇਸ਼ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ 'ਚ 70 ਫ਼ੀਸਦੀ ਲੋਕ ਕਿੱਤੇ ਪੱਖੋਂ ਮਜ਼ਦੂਰ ਹੋਣ ਤਾਂ ਟਰੈਕਟਰਾਂ ਦੇ ਟੋਚਣ ਅਤੇ ਆਡੀ ਗੱਡੀਆਂ ਨਾਲੋਂ ਵੱਧ ਇਸ ਵਰਗ ਦੀ ਗੱਲ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਹ ਸੱਥ ਅਤੇ ਹਰ ਸਟੇਜ਼ 'ਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਵਰਗ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਬਾਰੇ ਜ਼ਰੂਰ ਕਰਦਾ ਸੀ। ਉਸਦੇ ਕੋਲ ਗੀਤਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਬਦਾਂ ਦਾ ਖਜ਼ਾਨਾ ਭਰਪੂਰ ਰਿਹਾ। ਉਸ ਵੱਲੋਂ ਲਿਖੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਗਾਣਿਆਂ 'ਚੋ ਕਾਫ਼ੀ ਗਾਣੇ ਬੇਹੱਦ ਮਕਬੂਲ ਹੋਏ, ਪਰ ਉਹ ਤਰੱਕੀ ਦੇ ਭੌਤਿਕ ਸਿਖ਼ਰ ਲਈ ਜੀਵਨ ਦੇ ਅਖ਼ੀਰਲੇ ਪਲਾਂ ਤੱਕ ਸੰਘਰਸ਼ ਅਤੇ ਗਰੀਬੀ ਨੂੰ ਹੰਢਾਉਂਦਾ ਰਿਹਾ।

ਸੀਰੇ ਨੂੰ ਖੁੱਲ੍ਹਮ-ਖੁੱਲ੍ਹਾ ਗਿਲਾ ਸੀ ਕਿ ਉਸਦੇ ਲਿਖੇ ਹੋਏ ਮਕਬੂਲ ਗੀਤਾਂ ਨਾਲ ਵੱਡੇ-ਵੱਡੇ ਗਾਇਕ ਕਰੋੜਾਂ ਰੁਪਏ ਕਮਾ ਗਏ। ਜਦਕਿ ਉਸਦੇ ਪੱਲੇ ਕੱਖ ਵੀ ਨਹੀਂ ਪਿਆ। ਕੁੱਝ ਵਰ੍ਹੇ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸਦੇ ਪਿਤਾ ਨੂੰ ਦਿਲ ਦੇ ਦੌਰਾ ਪੈਣ 'ਤੇ ਮਹਿੰਗੇ ਇਲਾਜ਼ ਲਈ ਉਸਨੇ ਕਈ ਗਾਇਕਾਂ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕੀਤਾ ਪਰ ਕਿਸੇ ਨੇ ਉਸ ਵੱਲ ਮੱਦਦ ਵਾਲਾ ਨਹੀਂ ਵਧਾਇਆ।

* ਉਸਦੇ ਕ੍ਰਾਂਤੀਕਾਰੀ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਮਜ਼ਦੂਰ ਵਰਗ ਦੀ ਵਿੱਥਿਆ ਝਲਕਦੀ ਰਹੀ

ਉਹ 2004 ਤੋਂ ਕਈ ਵਰ੍ਹਿਆਂ ਤੱਕ ਚਿਣਾਈ ਮਿਸਤਰੀ ਵਜੋਂ ਰੋਜ਼ੀ ਰੋਟੀ ਖਾਤਰ ਦੁਬਈ ਵਿੱਚ ਰਿਹਾ। ਬਾਈ ਅਮਰਜੀਤ ਵੱਲੋਂ ਪਹਿਲਾ ਰਿਕਾਰਡ ਹੋਇਆ ਗੀਤ 'ਕਾਲੀ ਜਿਪਸੀ ਨੂੰ ਹੱਥ ਕਿਹੜਾ ਪਾਊ' ਨੂੰ ਵੀ ਉਸਨੇ ਦੁਬਈ 'ਚ ਲਿਖਿਆ ਸੀ। ਉਸਦੇ ਭਰਾ ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘੇਵਾਲਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੁੱਝ ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾੇਂ ਗੁਰਦਿਆਂ ਅਤੇ ਲੀਵਰ ਦੀ ਦਿੱਕਤ ਹੋਈ ਸੀ। ਇਲਾਜ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਾਅਦ ਤੰਦਰੁਸਤ ਸੀ। ਅੱਜ ਸਵੇਰੇ ਅਚਨਚੇਤ ਖੂਨ ਦੀ ਉਲਟੀ ਆਈ ਅਤੇ ਕੁੱਝ ਸਮੇਂ ਉਪਰੰਤ ਉਸਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ।

ਅੰਤਮ ਸਸਕਾਰ ਮੌਕੇ ਸਿੰਘੇਵਾਲਾ ਦੇ ਸ਼ਮਸ਼ਾਨ ਘਾਟ 'ਚ ਗਰੀਬਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਕਲਮੀ ਅਵਾਜ਼ ਨੂੰ ਗਮਗੀਨ ਅਤੇ ਸੇਜਲ ਅੱਖਾਂ ਨਾਲ ਅੰਤਮ ਵਿਦਾਇਗੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚੋਂ ਢਾਈ-ਤਿੰਨ ਸੌ ਲੋਕ ਮੌਜੂਦ ਸਨ। ਬੇਹੱਦ ਮੰਦਭਾਗਾ ਹੈ ਕਿ ਸੀਰੇ ਦੀ ਕਲਮ ਨਾਲ ਮਕਬੂਲ ਹੋਏ ਨਾਮਚੀਨ ਗਾਇਕਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਉਸਦੀ ਅੰਤਮ ਵਿਦਾਇਗੀ ਕੋਈ ਇੱਕ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਨਹੀਂ ਸੀ।


#ਸੀਰਾ_ਸਿੰਘੇਵਾਲਾ  #ਗਾਇਕ #ਗੀਤਕਾਰ #Seera Singhewala


04 August 2022

ਲੋਕਪੱਖੀ ਬਦਲਾਅ! : ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸੁਵਿਧਾ ਵਾਲੇ ਸਰਕਾਰੀ ਕੈਂਪਾਂ 'ਚ 'ਨਿੱਜੀ ਹੱਥਾਂ' ਵੱਲੋਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਵੱਡੀ ਲੁੱਟ


- ਲਾਭਪਾਤਰੀਆਂ ਤੋਂ ਫਾਰਮ ਅਤੇ ਫੋਟੋ ਸਟੇਟ ਲਈ ਵਸੂਲੇ ਜਾ ਰਹੇ 25 ਤੋਂ 70 ਰੁਪਏ

- 12 ਕੈਂਪਾਂ 'ਚ 36 ਸੌ ਲਾਭਪਾਤਰੀਆਂ ਨੂੰ ਮਿਲ ਚੁੱਕੀ ਔਸਤਨ 1.08 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਮਹਿੰਗੀ ਸੁਵਿਧਾ


ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਸ਼ਾਂਤ

ਲੰਬੀ: ਲੰਬੀ ਹਲਕੇ 'ਚ ਲੱਗੇ ਰਹੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸੁਵਿਧਾ ਕੈਂਪ ਲਾਭਪਾਤਰੀਆਂ ਤੋਂ ਫਾਰਮ ਅਤੇ ਫੋਟੋ ਸਟੇਟ ਦੀ ਭਾਰੀ ਰਕਮ ਵਸੂਲ ਜਾਣ ਕਰਕੇ ਵਿਵਾਦਾਂ 'ਚ ਘਿਰ ਗਏ ਹਨ। ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵੱਲੋਂ 'ਸਿਆਸੀ ਚਿਹਰਿਆਂ' ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਲੱਗਦੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਕੈਂਪਾਂ 'ਚ ਫਾਰਮ ਅਤੇ ਫੋਟੋ ਸਟੇਟ ਲਈ ਇੱਕ-ਇੱਕ ਲਾਭਪਾਤਰੀ ਤੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਫਾਰਮ ਅਤੇ ਫੋਟੋ ਸਟੇਟ ਲਈ 25 ਰੁਪਏ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ 70 ਰੁਪਏ ਦੀ ਵਸੂਲਣ ਦੀ ਕਥਿਤ ਘਪਲੇਬਾਜ਼ੀ ਨਸ਼ਰ ਹੋਈ ਹੈ।

ਸੁਵਿਧਾ ਕੈਂਪਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ ਪੰਜ ਗੁਣਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਫੋਟੋ ਸਟੇਟ ਕੀਮਤ ਵਸੂਲੇ ਅਤੇ ਲਗਪਗ ਮੁਫ਼ਤ ਕੀਮਤ ਵਾਲੇ ਫਾਰਮਾਂ ਦੀ ਕੀਮਤ ਵਸੂਲਣ ਖਿਲਾਫ਼ ਲੋਕਾਂ 'ਚ ਭਾਰੀ ਰੋਸ ਹੈ। ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਸਰਕਾਰੀ ਕੈਂਪਾਂ 'ਚ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਵਿਅਕਤੀ ਖੁੱਲ੍ਹੇਆਮ ਬੈਠ ਕੇ ਫਾਰਮਾਂ ਅਤੇ ਫੋਟੋ ਸਟੇਟ ਦੀ ਮੋਟੀ ਫੀਸ ਵਸੂਲਦੇ ਹਨ। ਵੱਡੀ ਹੈਰਾਨੀ ਹੈ ਕਿ ਬੀ.ਡੀ.ਪੀ.ਓ ਦਫ਼ਤਰ ਲੰਬੀ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫ਼ਤਰ ਤੱਕ ਇਨ੍ਹਾਂ ਫਾਰਮ/ਫੋਟੋ ਸਟੇਟ ਵਾਲੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸੁਵਿਧਾ ਤੋਂ ਅਨਜਾਨਤਾ ਜਾਹਰ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਫਿਰ ਸਰਕਾਰੀ ਕੈਂਪਾਂ 'ਚ ਕਿਸਦੀ ਪੁਸ਼ਤਪਨਾਹੀ ਹੇਠ ਮਹਿੰਗੀ ਸੁਵਿਧਾ ਵਾਲੀ ਨਿੱਜੀ ਦੁਕਾਨਦਾਰੀ ਚੱਲ ਰਹੀ ਹੈ। ਹਰੇਕ ਕੈਂਪ 'ਚ ਪੰਜ-ਦਸ ਗੁਣਾ ਮਹਿੰਗੀ ਸੁਵਿਧਾ ਵਾਲੀ ਟੀਮ ਲਗਾਤਾਰ ਪੁੱਜ ਰਹੀ ਹੈ। ਲੰਬੀ ਹਲਕੇ 'ਚ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਸੁੱਤਾ ਪਿਆ ਹੈ ਜਾਂ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਹੇਠਲੇ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਚੰਦ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦੀ ਬੇਰਜ਼ੁਗਾਰੀ ਦੂਰ ਕਰਨ ਦੀ ਰਾਹ ਪਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਇਹ ਪੜਤਾਲ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਹੈ।

ਇਨ੍ਹਾਂ ਕੈਂਪਾਂ 'ਚ ਪੈਨਸ਼ਨ, ਦਿਵਿਆਂਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ, ਪੋਸ਼ਣ ਅਭਿਆਨ ਸਬੰਧੀ, ਲੇਬਰ ਕਾਰਡ, ਸ਼ਗਨ ਸਕੀਮ, ਸਮਾਰਟ ਰਾਸ਼ਨ ਕਾਰਡ, ਮਗਨਰੇਗਾ ਸਕੀਮਾਂ ਅਤੇ ਵਨ ਸਟਾਪ ਸੈਂਟਰ (ਸਖੀ) ਆਦਿ ਲਈ ਫਾਰਮ ਵਗੈਰਾ ਆਦਿ ਭਰੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ।

ਸਰਕਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਲੰਬੀ ਬਲਾਕ 'ਚ ਹੁਣ ਤੱਕ 12 ਕੈਂਪ ਲੱਗ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਤਿੰਨ-ਚਾਰ ਪਿੰਡਾਂ 'ਤੇ ਆਧਾਰਤ ਪ੍ਰਤੀ ਕੈਂਪ 'ਚ ਔਸਤਨ ਤਿੰਨ ਸੌ ਲਾਭਪਾਤਰੀ ਪੁੱਜਦੇ ਹਨ। ਜੇਕਰ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਤੋਂ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ ਤੀਹ ਰੁਪਏ ਦੀ ਫਾਰਮ ਵਸੂਲੀ ਮੁਤਾਬਕ 12 ਕੈਂਪਾਂ ਵਿੱਚ 36 ਸੌ ਲਾਭਪਾਤਰੀਆਂ ਤੋਂ 1.08 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਤੋਂ ਫਾਰਮ ਅਤੇ ਫੋਟੋ ਸਟੇਟ ਦੀ ਸੁਵਿਧਾ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਵਸੂਲੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਵੱਲੋਂ ਐਲਾਨੇ ਕੈਂਪਾਂ 'ਚ ਸਿਆਸੀ ਚਿਹਰਿਆਂ ਦੀ ਮੌਜੂਦਗੀ 'ਚ ਅਜਿਹਾ ਵਰਤਾਰਾ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਸਾਖ਼ 'ਤੇ ਵੱਡੇ ਪ੍ਰਸ਼ਨ ਚਿੰਨ੍ਹ ਲਗਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਅੱਜ ਪਿੰਡ ਹਾਕੂਵਾਲਾ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸੁਵਿਧਾ ਕੈਂਪ 'ਚ ਬੁਢਾਪਾ ਪੈਨਸ਼ਨ ਦਾ ਫਾਰਮ ਭਰਨ ਗਏ ਦਰਸ਼ਨ ਸਿੰਘ ਉਰਫ਼ ਵਕੀਲ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਸਰਕਾਰੀ ਸੁਵਿਧਾ ਕੈਂਪ 'ਚ ਫੋਟੋ ਸਟੇਟ ਅਤੇ ਫਾਰਮ ਬਦਲੇ ਤੀਹ ਰੁਪਏ ਵਸੂਲੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਉਸਦੇ ਮਨ ਨੂੰ ਡੂੰਘੀ ਠੇਸ ਪੁੱਜੀ।

ਉਸਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਾਜ਼ਾਰ 'ਚ ਫੋਟੋ ਇੱਕ ਰੁਪਏ ਵਿੱਚ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਜਦਕਿ ਕੈਂਪ 'ਚ ਪੰਜ ਗੁਣਾ ਫੀਸ ਵਸੂਲੀ ਜਾ ਰਹੀ ਸੀ। ਜਿਸਦੀ ਕੋਈ ਰਸੀਦ ਵੀ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਪ੍ਰੀਤਮ ਸਿੰਘ ਨੰਬਰਦਾਰ ਨੇ ਇਹ ਫੀਸ ਲਗਪਗ ਹਰੇਕ ਲਾਭਪਾਤਰੀ ਤੋਂ ਲਈ ਗਈ। ਮੰਡੀ ਕਿੱਲਿਆਂਵਾਲੀ ਵਾਸੀ ਮਹਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਵੀ ਬੀਤੇ ਦਿਨ੍ਹੀਂ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸੁਵਿਧਾ ਕੈਂਪ 'ਚ ਫਾਰਮ ਅਤੇ ਫੋਟੋ ਸਟੇਟ ਲਈ 25 ਰੁਪਏ ਤੋਂ 70 ਰੁਪਏ ਵਸੂਲੇ ਜਾਣ ਦੀ ਗੱਲ ਆਖੀ।


ਡੀ.ਸੀ. ਵੱਲੋਂ ਤੁਰੰਤ ਪੜਤਾਲ ਅਤੇ ਐਕਸ਼ਨ

ਮਾਮਲਾ ਧਿਆਨ 'ਚ ਲਿਆਉਣ 'ਤੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵਿਨੀਤ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਤੁਰੰਤ ਐਕਸ਼ਨ ਲੈਂਦੇ ਪੜਤਾਲ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਮੀਡੀਆ ਨੂੰ ਪੱਖ ਭੇਜ ਕੇ ਦੱਸਿਆ ਪੰਚਾਇਤ ਸਕੱਤਰ ਅਨੁਸਾਰ ਕੈਂਪ 'ਚ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਵਿਅਕਤੀ ਅਰਜੀ ਫਾਰਮ ਭਰਨ ਲਈ 10 ਤੋਂ 20 ਰੁਪਏ ਵਸੂਲ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਫੋਟੋ ਕਾਪੀ ਲਈ ਪ੍ਰਤੀ ਪੰਨਾ 2 ਰੁਪਏ ਵਸੂਲ ਰਹੇ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੀ.ਡੀ.ਪੀ.ਓ ਨੂੰ ਅਗਾਮੀ ਕੈਂਪ 'ਚ ਇਸਨੂੰ ਰੋਕਣ ਅਤੇ ਸਵੈ-ਇੱਛਾ ਨਾਲ ਫਾਰਮ ਭਰਨ ਲਈ ਫੋਟੋ ਕਾਪੀ ਮਸ਼ੀਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨ ਦੀ ਤਾਕੀਦ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਜ਼ਿਕਰਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਸਤਰ ਸਾਹਿਬ 'ਚ ਅਜਿਹਾ ਵਰਤਾਰਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਕਿਸੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੇ ਤੁਰੰਤ ਐਕਸ਼ਨ ਨੂੰ ਮੀਡੀਆ ਨੂੰ ਵੱਟਸਐਪ ਸੁਨੇਹੇ ਰਾਹੀਂ ਪੱਖ ਭੇਜਿਆ ਹੋਵੇ।

28 July 2022

ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਬਰਸਾਤੀ ਖਰਾਬੇ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈਣ ਅੱਜ ਲੰਬੀ ਹਲਕੇ 'ਚ ਪੁੱਜਣਗੇ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਗਲਤ ਬਣਤਰ ਵਾਲੇ ਸੇਮ ਨਾਲਿਆਂ ਦੇ ਹੱਲ ਬਾਰੇ ਵੱਡੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ


- ਮਹਿਰਾਜਵਾਲਾ ਡਰੇਨ ਦੇ ਮੁੜ ਸਰਵੇ ਦੀ ਮੰਗ ਉੱਠੀ

- ਖੇਤਾਂ 'ਚ ਪਾਣੀ ਨਿਕਾਸੀ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਮੱਦਦ ਸ਼ੁਰੂ ਨਾ ਹੋਣ ਦੇ ਦੋਸ਼


ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਸ਼ਾਂਤ

ਲੰਬੀ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਅੱਜ 28 ਜੁਲਾਈ ਨੂੰ ਹਲਕਾ ਲੰਬੀ ਦੇ ਸਰਾਵਾਂ ਜੈਲ 'ਚ ਮੀਂਹ ਦੇ ਪਾਣੀਆਂ 'ਚ ਡੁੱਬੇ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਏਕੜ ਫ਼ਸਲੀ ਰਕਬੇ ਦਾ ਦੁਖਾਂਤ ਅੱਖੀਂ ਵਾਚਣ ਲਈ ਪੁੱਜਣਗੇ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਮੀਂਹ ਦੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਨਿਕਾਸੀ ਨਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨੁਕਸਾਨੇ ਗਏ ਪਿੰਡ ਪੰਨੀਵਾਲਾ ਅਤੇ ਮਿੱਡਾ ਦਾ ਬਾਅਦ ਦੁਪਿਹਰ 2:30 ਵਜੇ ਦੌਰਾ ਕਰਨਗੇ। ਇਸਦੇ ਉਪਰੰਤ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਫਾਜ਼ਿਲਕਾ ਜਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਪਿੰਡ ਮੂਲਿਆਂਵਾਲੀ ਵੀ ਖਰਾਬੇ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈਣ ਜਾਣਗੇ। 

ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਬਣਨ ਮਗਰੋਂ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੀ ਬਾਦਲਾਂ ਦੇ ਗੜ੍ਹ ਰਹੇ ਹਲਕੇ ਲੰਬੀ 'ਚ ਪਹਿਲੀ ਫੇਰੀ ਤੋਂ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਵੱਡੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ ਹਨ। ਇਸ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਸੇਮ ਨਾਲਿਆਂ ਦੀ ਗਲਤ ਬਣਤਰ ਕਾਰਨ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਪਿੰਡਾਂ 'ਚ ਲਗਪਗ ਭਰਵੀਂ ਬਰਸਾਤ ਮੌਕੇ ਹੜ੍ਹਾਂ ਜਿਹੇ ਹਾਲਾਤ ਪੈਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਜਿਸਦੇ ਮੂਹਰੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੇ ਕਾਗਜ਼ੀ ਉਪਰਾਲੇ ਵੀ ਨਾਕਾਫ਼ੀ ਸਾਬਤ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਵਾਰ ਵੀ ਮੌਨਸੂਨ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਬਰਸਾਤ ਨੇ ਸਮੁੱਚਾ ਇਲਾਕਾ ਜਲਥਲ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਮਿੱਡਾ ਦਾ ਰਕਬਾ ਨਿਵਾਣ 'ਚ ਇੱਥੋਂ ਦਾ ਸੌ ਫ਼ੀਸਦੀ ਰਕਬਾ ਪਾਣੀ 'ਚ ਡੁੱਬ ਗਿਆ। 

ਖੇਤਰ ਵਾਸੀਆਂ ਮੁਤਾਬਕ ਤਾਜ਼ਾ ਮੀਂਹਾਂ ਉਪਰੰਤ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨੀ ਉਪਰਾਲੇ ਯਤਨਾਂ ਦੇ ਮੁਤਾਬਕ ਕਾਰਗਰ ਸਾਬਤ ਨਹੀਂ ਹੋਏ। ਬੀਤੇ ਦਿਨ੍ਹੀਂ ਰਾਜਸਭਾ ਮੈਂਬਰ ਸੰਤ ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸੀਚੇਵਾਲ ਨੇ ਪਿੰਡ ਦੀ ਮਾੜੀ ਸਥਿਤੀ ਕਾਰਨ ਦੌਰਾ ਕੀਤਾ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕਾਰਕੁੱਨ ਟੀਮ ਲਗਾਤਾਰ ਰਾਹਤ ਕਾਰਜਾਂ 'ਤੇ ਜੁਟੀ ਹੋਈ ਹੈ।

ਮਹਿਰਾਜਵਾਲਾ ਡਰੇਨ (ਸੇਮ ਨਾਲਾ) ਦੇ ਗਲਤ ਡੀਜਾਇਨ ਕਾਰਨ ਪਿੰਡ ਮਿੱਡਾ ਨਾਲ ਸਾਲ-ਦੋ ਸਾਲ ਮਗਰੋਂ ਜੱਗੋਂ ਤੇਰਵੀਂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਪਿੰਡ ਮਿੱਡਾ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ 1997 ਵਿੱਚ ਅਕਾਲੀ-ਭਾਜਪਾ ਸਰਕਾਰ ਸਮੇਂ ਸਿਆਸੀ ਦਬਾਅ ਕਾਰਨ ਤਰਖਾਣਵਾਲਾ ਤੋਂ ਉੜਾਂਗ ਨੂੰ ਬਣਨ ਵਾਲੀ ਡਰੇਨ ਨੂੰ ਵਾਇਆ ਮਿੱਡਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਗਿਆ। ਜੇਕਰ ਸਹੀ ਸਰਵੇ ਕਰਵਾ ਡਰੇਨ ਅਰਨੀਵਾਲਾ ਡਰੇਨ 'ਚ ਪਾਈ ਜਾਣੀ ਸੀ। ਜਿਸ ਨਾਲ ਮੀਂਹਾਂ ਸਮੇਂ ਇਹ ਖੇਤਰ ਬਰਸਾਤੀ ਖ਼ਰਾਬਿਆਂ ਤੋਂ ਬਚ ਜਾਣਾ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੇਮ ਨਾਲਿਆਂ ਦਾ ਮੁੜ ਸਰਵੇ ਕਰਵਾ ਮੁੜ ਤੋਂ ਸਹੀ ਲੇਬਲ ਨਾਲ ਬਣਾਉਣ ਮੰਗ ਕੀਤੀ। 

ਬਲਾਕ ਸੰਮਤੀ ਮੈਂਬਰ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਿੱਡਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿੰਡ 'ਚ ਹੁਣ ਇੰਨੇ ਦਿਨਾਂ ਮਗਰੋਂ ਸੇਮ ਨਾਲੇ 'ਚ ਇੱਕ ਫੁੱਟ ਪਾਣੀ ਘਟਿਆ ਹੈ। ਜਦਕਿ ਖੇਤਾਂ 'ਚ ਸਥਿਤੀ ਪਹਿਲਾਂ ਵਾਂਗ ਹੀ ਹੈ। ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਲਈ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਮੱਦਦ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕੀ। ਕਿਸਾਨ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਮੋਟਰ ਵਗੈਰਾ ਲਗਾ ਕੇ ਪਾਣੀ ਨਿਕਾਸੀ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਮੀਂਹਾਂ ਦੇ ਮਾਰੂ ਹਾਲਾਤਾਂ 'ਚ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਵਾਲੀ ਸਥਿਤੀ ਕਾਰਨ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਫੇਰੀ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਨੂੰ ਪੁਖਤਾ ਬਣਾਉਣ 'ਚ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਹੱਦੋਂ ਵੱਧ ਚੌਕਸੀ ਵਿਖਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।

ਜ਼ਿਕਰਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਮੀਂਹਾਂ ਦੌਰਾਨ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਪਿੰਡਾਂ 'ਚ ਰਾਹਤ ਕਾਰਜਾਂ ਸਿਆਸੀ ਦਖ਼ਲਅੰਦਾਜ਼ੀ ਖਿਲਾਫ਼ ਪੀੜਤ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬਚਾਅ ਖਾਤਰ ਸੜਕਾਂ 'ਤੇ ਉੱਤਰ ਕੇ ਰੋਹ ਜਤਾਉਣਾ ਪਿਆ। ਸੂਤਰਾਂ ਮੁਤਾਬਰਕ ਉਹ ਸਮੁੱਚੀਆਂ ਰਿਪੋਰਟਾਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦਫ਼ਤਰ ਤੱਕ ਪੁੱਜਦੀਆਂ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। 

26 July 2022

ਮਾਰੂ ਮੀਂਹ: ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੇ ਫਿੱਕੇ ਕਦਮਾਂ ‘ਤੇ ਭਾਰੀ ਪੈ ਰਹੇ ਸੰਤ ਸੀਚੇਵਾਲ ਦੇ ਮੱਦਦੀ ਹੱਥ

-ਪਾਣੀਆਂ ’ਚ ਘਿਰੇ ਖੇਤਾਂ ਚ ਮੁੜ ਹਰਿਆਲੀ ਲਈ ਵੰਡੇ ਜਾ ਰਹੇ ਬਾਸਮਤੀ ਬੀਜ




ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਸ਼ਾਂਤ

ਲੰਬੀ: ਰਾਜ ਸਭਾ ਮੈਂਬਰ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਣ ਪ੍ਰੇਮੀ ਸੰਤ ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸੀਚੇਵਾਲ ਦੇ ਮੱਦਦੀ ਹੱਥ ਲੰਬੀ ਹਲਕੇ ਸਮੇਤ ਮਾਲਵੇ ਭਰ ’ਚ ਮਾਰੂ ਮੀਂਹਾਂ ਮਗਰੋਂ ਪੀੜਤਾਂ ਦੀ ਬਾਂਹ ਫੜਨ ਲਈ ਲੋਕਾਂ ਤੱਕ ਪੁੱਜਣ ਲੱਗੇ ਹ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸੇਵਾਦਾਰਾਂ ਟੀਮ ਨੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰੇ ਖੇਤਾਂ ਨੂੰ ਮੁੜ ਸੁਰਜੀਤੀ ਦੇ ਰਾਹ ਪਾਉਣ ਲਈ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ’ਤੇ ਸੈਂਕੜੇ ਏਕੜ ਰਕਬੇ ਲਈ ਬਾਸਮਤੀ ਦੇ ਬੀਜ ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾ ਦਿੱਤੇ ਹਨ ਨਾਲ ਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਪੀੜਤ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਹਰੇ-ਚਾਰੇ ਦੀ ਸੇਵਾ ਦੀ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਹੈ ਸੰਤ ਸੀਚੇਵਾਲ ਦੀ ਨਿਸ਼ਕਾਮ ਸੇਵਾ ਭਾਵਨਾ ਜੱਗਜਾਹਰ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਉਪਰਾਲਿਆਂ ਮੁਹਰੇ ਸਰਕਾਰੀ-ਕਮ-ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨੀ ਉਪਰਾਲੇ ਫਿੱਕੇ ਨਜ਼ਰਾ ਰਹੇ ਹਨ

ਜੇਕਰ ਰਾਜਸਭਾ ਮੈਂਬਰ ਸੀਚੇਵਾਲ ਦੀ ਕਾਰਕੁਨ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਜਾਰੀ ਪ੍ਰੇੱਸ ਬਿਆਨ ਦੇ ਸ਼ਬਦਾਂ ‘ਤੇ ਨਜ਼ਰ ਮਾਰੀਏ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਮੀਂਹਾਂ ਦੇ ਕਾਫੀ ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਵੀ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਵਿਥਿਆ ਝਲਕਦੀ ਹੈ ਕਿ ਲੋਕ ਬੇਵੱਸ ਅਤੇ ਲਾਚਾਰ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹੇ ਹਨ ‘ਮੁਕਤਸਰ, ਗਿੱਦੜਬਾਹਾ, ਬੁੱਢਲਾਡਾ ਤੇ ਮਲੋਟ ਖੇਤਰਾਂ ਸਮੇਤ ਮਾਲਵੇ ਦੇ ਵੱਡੇ ਹਿੱਸੇ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਨਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਸਥਿਤੀ ਬੜੀ ਗੰਭੀਰ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੈ

ਜਿਸਤੋਂ ਜਾਪਦਾ ਹੈ ਸਰਕਾਰ ਉਪਰਾਲੇ ਮਾਲਵੇ ਭਰ ਵਿਚ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਮੱਦਦ ਕਰਨ ‘ਚ ਕਮਜੋਰ ਸਾਬਤ ਹੋਏ ਹਨ ਜਿਕਰਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਸੰਤ ਸੀਚੇਵਾਲ ਹੁਰਾਂ ਦੇ ਕਾਰਕੁਨ ਮੀਂਹ ਪ੍ਰਭਾਵਤ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਜਮੀਨ ਲੇਬਲ ’ਤੇ ਸੇਵਾ ਨਿਭਾ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਖੁਦ ਵੀ ਬੀਤੇ ਦਿਨੀਂ ਲੰਬੀ ਹਲਕੇ ਵਿਚ ਜਮੀਨੀ ਹਕੀਕਤ ਵਾਚ ਕੇ ਗਏ ਹਨ

ਸੀਚੇਵਾਲ ਟੀਮ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਸੰਤ ਸੁਖਜੀਤ ਸਿੰਘ ਤੇ ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸ਼ੰਟੀ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸ਼ੁਰੁਆਤੀ ਤੌਰ ’ਤੇ ਮੀਂਹ ਤੋਂ ਸੌ ਫੀਸਦੀ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਪਿੰਡ ਮਿੱਡਾ ਵਿਖੇ 1509 ਤੇ 1692 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਾਸਮਤੀ ਦੇ ਸਾਢੇ 6 ਕੁਇੰਟਲ ਬੀਜ ਵੰਡਿਆ ਗਿਆ ਇਸ ਬੀਜ ਨਾਲ 150 ਏਕੜ ‘ਚ ਬਾਸਮਤੀ ਬੀਜਾਂਦ ਹੋ ਸਕੇਗੀ ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਬਾਸਮਤੀ ਦਾ ਹੋਰ ਬੀਜ ਵੀ ਭੇਜਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਪਿਛਲੇ ਤਿੰਨ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦੀ ਢੋਆ ਢੋਆਈ ਵਾਸਤੇ ਟੱਰਕ ਅਤੇ ਟ੍ਰੈਕਟਰ ਟਰਾਲੀਆਂ ਵਰਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ

ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸੰਤ ਸੀਚੇਵਾਲ ਨੇ ਇਸ ਇਲਾਕੇ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਮਿੱਡਾ, ਬਾਮ ਡਰੇਨ, ਤਰਖਾਣਵਾਲਾ, ਲਖਮੀਰੇਆਣਾ, ਲੱਕੜਵਾਲਾ ਤੇ ਮਹਾਂਬੱਧਰ ਤੇ ਹੋਰ ਪਿੰਡਾਂ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕੀਤਾ ਸੀ ਇੱਥੇ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਏਕੜ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਫਸਲ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਡੁੱਬ ਗਈ ਹੈ ਸੁਖਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸੀਚੇਵਾਲ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮਾਲਵੇ ਦੇ ਵੱਡੇ ਹਿੱਸੇ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਿਕਾਸੀ ਨਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਸਥਿਤੀ ਬੜੀ ਗੰਭੀਰ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸੰਤ ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸੀਚੇਵਾਲ ਦੀਆਂ ਹਦਾਇਤਾਂ `ਤੇ ਉਹ ਇਲਾਕੇ ਦਾ ਸਰਵੇ ਕਰਕੇ ਪਾਣੀ ਕੱਢਣ ਦਾ ਪੱਕਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨ ਦਾ ਯਤਨ ਕਰਨਗੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਲੋਕ ਵੀ ਇਸ ਕੰਮ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਾਥ ਦੇ ਰਹੇ ਹਨ

ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਜਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵਿਨੀਤ ਕੁਮਾਰ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਪੀੜਤ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਮੁਤਾਬਿਕ ਹਰਾ-ਚਾਰਾ ਅਤੇ ਤਿਰਪਾਲਾਂ ਆਦਿ ਪਹੁੰਚਾਈਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ, ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦਾ ਅਮਲਾ ਪਿੰਡ ਤਾਇਨਾਤ ਹੈ ਖੇਤਾਂ ਵਿਚੋਂ ਪਾਣੀ ਨਿਕਾਸੀ ਦਾ ਕਾਰਜ ਜਾਰੀ ਹੈ

 

ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਤੋਂ ਚੱਲ ਰਹੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਹਰਾ-ਚਾਰੇ ਦੀ ਸੇਵਾ 

ਹੜ੍ਹ ਰੋਕੂ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਲੋਹੀਆਂ ਤੇ ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਮਾਲਵੇ ਦੇ ਪੀੜਤ ਕਿਸਾਨਾਂ ਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨਾਲ ਖੜੇ ਹਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦੀ ਦੀ ਕੋਈ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਆਉਣ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦਾ ਅਚਾਰ ਵੀ ਭੇਜਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਇਹ ਅਚਾਰ ਸਵਰਨ ਸਿੰਘ ਕੌੜਾ ਅਤੇ ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਗੱਟੀ ਨੇ ਸ਼ਾਂਝੇ ਤੌਰ ’ਤੇ 200 ਗੱਠਾਂ ਭੇਜੀਆਂ ਹਨ ਸਰਪੰਚ ਜੋਗਾ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਬਾਸਮਤੀ ਦੀਆਂ ਦੋਵੇਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੇ ਬੀਜ ਦੋਆਬੇ ਵਿੱਚ ਵੀ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਗਿੱਦੜਪਿੰਡੀ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵੀ ਇੱਕ ਟਰੱਕ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦਾ ਭੇਜਿਆ ਗਿਆ

21 July 2022

ਸਿਹਤ ਸੰਭਾਲੀ ਮਗਰੋਂ ਵੱਡੇ ਬਾਦਲ ਮੁੜ ਜਨਤਕ ਹੋਏ, ਪੇਂਡੂ ਜਰਨੈਲਾਂ ਲਈ 'ਤੰਗ' ਹੋਏ 'ਵੱਡੇ' ਘਰ ਦੇ ਬੂਹੇ


ਲੰਬੀ: ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਆਪਣੀ ਸਿਹਤ ਸੰਭਾਲੀ ਦੇ ਬਾਅਦ ਅੱਜ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਦੁੱਖ-ਸੁੱਖ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰੀਕ ਹੋਏ। ਸ੍ਰੀ ਬਾਦਲ ਬੁੱਧਵਾਰ ਨੂੰ ਪਿੰਡ ਮਾਨਾ 'ਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬਾਗਾਂ ਦੇ ਮੁਨੀਮ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਸ਼ਰਮਾ ਦੇ ਦਿਹਾਂਤ 'ਤੇ ਦੁੱਖ ਸਾਂਝਾ ਕਰਨ ਲਈ ਪਿੰਡ ਮਾਨ ਪੁੱਜੇ। 

ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਪਰਸੋਂ 60 ਸਾਲਾ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਸ਼ਰਮਾ ਨੂੰ ਬਾਦਲ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਬਾਗ 'ਚ ਡਿਊਟੀ ਦੌਰਾਨ ਦਿਲ ਦਾ ਦੌਰਾ ਪਿਆ ਸੀ। ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਨਿੱਜੀ ਹਸਪਤਾਲ 'ਚ ਦੋ ਸਟੰਟ ਪਾਉਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਉਹ ਬਚ ਨਹੀਂ ਸਕਿਆ। ਸ੍ਰੀ ਬਾਦਲ ਨੇ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇ ਲੜਕੇ ਚਰਨਜੀਤ ਸ਼ਰਮਾ ਨਾਲ ਦੁੱਖ ਸਾਂਝਾ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਸ਼ਰਮਾ ਨੂੰ ਵਫ਼ਾਦਾਰ ਸਾਥੀ ਦੱਸਿਆ।

ਜ਼ਿਕਰਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਪਿੱਛੇ ਜਿਹੇ ਸਿਹਤ ਨਾਸਾਜ਼ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਵੱਡੇ ਬਾਦਲ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ 'ਚ ਜ਼ੇਰੇ ਇਲਾਜ ਰਹੇ ਸਨ। ਉਸਦੇ ਬਾਅਦ ਡਾਕਟਰਾਂ ਦੀ ਹਦਾਇਤਾਂ ਮੁਤਾਬਤ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਰਿਹਾਇਸ਼ 'ਤੇ ਸਮਾਂ ਲੰਘਾਉਣ ਉਪਰੰਤ ਬੀਤੀ 11 ਜੁਲਾਈ ਨੂੰ ਪਿੰਡ ਬਾਦਲ ਪਰਤੇ ਸਨ। ਉਸਦੇ ਬਾਅਦ ਉਹ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਜਨਤਕ ਹੋਏ। ਜਦਕਿ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹੋਂ ਵਾਪਸੀ ਉਪਰੰਤ ਸਾਬਕਾ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਇੱਕ ਫੇਰੀ ਲਗਾ ਕੇ ਆਪਣੇ ਖੇਤਾਂ ਦੀ ਰੌਣਕ ਪਰਖੀ ਸੀ। 

ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਸ੍ਰੀ ਬਾਦਲ ਜਨਤਕ ਮੁਲਾਕਾਤਾਂ ਤੋਂ ਗੁਰੇਜ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਸੂਤਰਾਂ ਮੁਤਾਬਕ ਵਿਧਾਨਸਭਾ ਚੋਣਾਂ 'ਚ ਕਰਾਰੀ ਹਾਰ ਉਪਰੰਤ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਸਥਾਨਕ ਪੇਂਡੂ ਜਰਨੈਲਾਂ ਲਈ ਵੱਡੇ ਘਰ ਦੇ ਬੂਹੇ ਤੰਗ ਹੋਏ ਹਨ। ਜਨਤਕ ਸਫ਼ਾਂ 94 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ 'ਚ ਮਿਲੀ ਸ਼ਿਕਸਤ ਨੂੰ ਹਾਈਕਮਾਂਡ ਨੂੰ ਘੇਰਾਬੰਦੀ 'ਚ ਰੱਖਣ ਵਾਲੇ ਹਲਕੇ ਭਰ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਨੂੰ ਜੁੰਮੇਵਾਰ ਮੰਨ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। 

ਬੀਤੇ ਦਿਨ੍ਹੀਂ ਹਰਸਿਮਰਤ ਕੌਰ ਬਾਦਲ ਵੀ ਹਲਕੇ 'ਚ ਕਈ ਪਰਿਵਾਰਾਂ 'ਚ ਮੌਤਾਂ 'ਤੇ ਦੁੱਖ ਸਾਂਝਾਂ ਕਰਨ ਪੁੱਜੇ ਸਨ। ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਕਰਾਰੀ ਹਾਰ ਉਪਰੰਤ ਨਿਰਵਿਵਾਦ ਅਤੇ ਲੋਕ ਜੁੜਾਅ ਵਾਲੇ ਨਵੇਂ ਹਾਲਾਤਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨ ' ਸੁਰਜੀਤ ਕਰਨ ਲਈ ਨਜ਼ਰਸ਼ਾਨੀ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਜਿਸਦੇ ਨਤੀਜ਼ੇ ਅਗਾਮੀ ਨੇੜਲੇ ਸਮੇਂ ਕਈ ਬਦਲਵੇਂ ਚਿਹਰਿਆਂ ਰਾਹੀਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਸਕਦੇ ਹਨ ।

19 July 2022

ਮੁੱਢਲੇ ਦਸਤਾਵੇਜ਼ੀ ਅੰਦਾਜ਼ੇ: ਲੰਬੀ ਹਲਕੇ 'ਚ ਮੀਂਹ ਨੇ 41 ਹਜ਼ਾਰ ਏਕੜ ਫ਼ਸਲਾਂ ਦੀ ਪੋਚੀ ਫੱਟੀ

ਵੇਰਵਿਆਂ ਮੁਤਾਬਕ ਸਰਾਵਾਂ ਜੈਲ 'ਚ ਕਰੀਬ 34 ਹਜ਼ਾਰ ਏਕੜ ਰਕਬੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਪਾਣੀਆਂ ਦੇ ਹੇਠਾਂ ਲੁਕੀ

- ਪੰਨੀ ਫੱਤਾ ਤੇ ਮਿੱਡਾ ਦਾ ਸੌ ਫ਼ੀਸਦੀ ਖੇਤੀ ਰਕਬਾ ਖਰਾਬੇ ਦੀ ਮਾਰ ਹੇਠਾਂ

- ਡੀ.ਸੀ. ਮੁਕਤਸਰ ਵੱਲੋਂ ਮੀਂਹ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਈ ਪਿੰਡਾਂ ਦਾ ਦੌਰਾ



ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਸ਼ਾਂਤ

ਲੰਬੀ: ਵਰ੍ਹਿਆਂ ਤੋਂ ਸੇਮ ਦੇ ਝੰਬੇ ਹੋਏ ਲੰਬੀ ਹਲਕੇ ਦੀ ਕਿਰਸਾਨੀ ਦੀ ਮੌਨਸੂਨ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਬਰਸਾਤ ਨੇ ਤ੍ਰਾਹ ਕੱਢ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਮੀਂਹ ਕਾਰਨ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੇ ਫੋਕੇ ਉਪਰਾਲਿਆਂ ਵਿਚਕਾਰ ਦਰਜਨਾਂ ਪਿੰਡ ਹੜ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਥਿਤੀ 'ਚ ਘਿਰੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਹਲਕੇ 'ਚ ਮੀਂਹ ਨਾਲ ਘਿਰੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨੀ ਬਾਰੇ ਮੁੱਢਲੇ ਮਾਲ ਅਤੇ ਖੇਤੀ ਸੂਤਰਾਂ ਦੇ ਅੰਕੜਿਆਂ ਮੁਤਾਬਕ ਹਲਕੇ ਦਾ ਕਰੀਬ 41 ਹਜ਼ਾਰ ਏਕੜ ਰਕਬੇ 'ਚ ਖੜ੍ਹੀ ਮੀਂਹਾਂ ਦੇ ਪਾਣੀ ਹੇਠਾਂ ਲੁਕੀ ਹੋਈ ਹੈ।

ਲੋਟ ਮਾਲ ਖੇਤਰ ਅਧੀਨ 145851 ਰਕਬੇ 'ਚੋਂ ਮੁੱਢਲੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸਰਵੇ ਮੁਤਾਬਕ 66070 ਏਕੜ ਰਕਬਾ ਖ਼ਰਾਬੇ ਦੇ ਅਧੀਨ ਹੈ। ਸਭ ਤੋਂ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹਲਕੇ ਦੀ ਸਰਾਵਾਂ ਜੈਲ ਦੇ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ 34 ਹਜ਼ਾਰ ਏਕੜ ਰਕਬਾ 80 ਤੋਂ 100 ਫ਼ੀਸਦੀ ਨੁਕਸਾਨ ਵਿੱਚ ਹੈ। ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਸੂਤਰਾਂ ਮੁਤਾਬਕ ਲੰਬੀ ਬਲਾਕ ਦੀ ਖੇਤੀ ਬੈਲਟ 'ਚ ਤੱਪਾਖੇੜਾ, ਆਧਨੀਆਂ, ਦਿਉਣਖੇੜਾ, ਫਤਿਹਪੁਰ ਮਨੀਆਂਵਾਲਾ, ਥਰਾਜਵਾਲਾ ਆਦਿ ਦਾ ਸੱਤ ਹਜ਼ਾਰ ਏਕੜ ਰਕਬਾ ਮੀਂਹਾਂ ਨੇ ਲਗਪਗ ਬਰਬਾਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਜਿਸਦੇ ਟਾਂਵੇਂ-ਟਾਂਵੇਂ ਬਚਣ ਦੇ ਆਸਾਰ ਆਗਾਮੀ ਮੌਸਮ 'ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹਨ।

ਮਾਲ ਵਿਭਾਗ ਲੰਬੀ ਵੱਲੋਂ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਭੇਰੇ ਨੁਕਸਾਨ ਦੇ ਮੁੱਢਲੇ ਅੰਦਾਜ਼ਿਆਂ ਮੁਤਾਬਕ ਬਲਾਕ ਦੇ ਸਿਰਫ਼ ਦੋ ਪਿੰਡ ਤੱਪਾਖੇੜਾ 'ਚ 1880 ਏਕੜ ਤੇ ਦਿਉਣਖੇੜਾ 'ਚ 1240 ਏਕੜ ਰਕਬਾ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਹੋਇਆ ਹੈ।

ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਤੌਰ 'ਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਤ ਮਕਾਨਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ 335 ਹੈ। ਹਲਕੇ ਵਿੱਚ ਸੇਮ ਨਾਲਿਆਂ ਦੀ ਗਲਤ ਬਣਤਰ ਨੇ ਸਰਾਵਾਂ ਜੈਲ ਦੀ ਕਿਰਸਾਨੀ ਨੂੰ ਡੁਬੋ ਕੇ ਰੱਖਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ।


ਪਿੰਡ ਪੰਨੀਵਾਲਾ ਫੱਤਾ ਦਾ ਸੌ ਫ਼ੀਸਦੀ ਰਕਬਾ 22 ਸੌ ਏਕੜ ਅਤੇ 3250 ਏਕੜ ਰਕਬੇ ਵਾਲੇ ਪਿੰਡ ਮਿੱਡਾ ਦਾ ਸੌ ਫ਼ੀਸਦੀ ਰਕਬਾ ਖਰਾਬੇ ਦੀ ਮਾਰ ਹੇਠ ਹੈ। ਪਿੰਡ ਮੋਹਲਾਂ,ਰਾਣੀਵਾਲਾ ਅਤੇ ਰੱਤਾਟਿੱਬਾ ਦੇ ਕੁੱਲ ਰਕਬੇ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ 80 ਤੋਂ 90 ਫ਼ੀਸਦੀ ਰਕਬੇ 'ਚ ਕਈ-ਕਈ ਫੁੱਟ ਪਾਣੀ ਖੜ੍ਹਾ ਹੈ।

ਪਿੰਡ ਆਲਮ ਵਾਲਾ 'ਚ 1700 ਏਕੜ, ਰੱਤਾਖੇੜਾ 'ਚ 12 ਸੌ ਏਕੜ, ਬੋਦੀਵਾਲਾ ਖੜਕ ਸਿੰਘ 'ਚ 17 ਸੌ, ਅਸਪਾਲ ਅਤੇ ਸਰਾਵਾਂ ਬੋਦਲਾ 15-15 ਸੌ ਏਕੜ, ਮਿੱਡਾ 'ਚ 3250 ਏਕੜ, ਪੱਕੀ ਟਿੱਬੀ 'ਚ 13 ਸੌ, ਮੋਹਲਾਂ 'ਚ 27 ਸੌ ਏਕੜ, ਰੱਤਾ ਟਿੱਬਾ 'ਚ 2180, ਰਾਣੀਵਾਲਾ 'ਚ 2873 ਏਕੜ, ਕਰਮ ਪੱਟੀ 'ਚ 14 ਸੌ ਏਕੜ, ਕੋਲਿਆਂਵਾਲੀ 'ਚ ਇੱਕ ਹਜ਼ਾਰ ਏਕੜ, ਛਾਪਿਆਂਵਾਲੀ 'ਚ ਪੰਜ ਸੋ ਏਕੜ, ਬੁਰਜ ਸਿੰਧਵਾਂ' ਚ 25 ਸੌ ਏਕੜ, ਡੱਬਵਾਲੀ ਢਾਬ 'ਚ ਇੱਕ ਹਜ਼ਾਰ ਅਤੇ ਸ਼ਾਮਖੇੜਾ 'ਚ 15 ਸੌ ਏਕੜ ਅਤੇ ਮਾਹਣੀਖੇੜਾ 'ਚ ਅੱਠ ਸੌ ਏਕੜ 'ਚ ਫ਼ਸਲ ਖ਼ਰਾਬ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ।

ਪੱਕੀ ਟਿੱਬੀ 'ਚ ਸੇਮਨਾਲੇ ਦੀ ਪਟੜੀ ਤੋਂ ਖੁਰਚੀ ਹੋਈ ਮਿੱਟੀ ਕਰਕੇ ਕਮਜ਼ੋਰ ਸਥਿਤੀ ਵਿਗੜੀ ਹੋਈ ਹੈ ਅਤੇ ਆਗਾਮੀ ਮੀਂਹਾਂ 'ਚ ਹੋਰ ਖ਼ਤਰਾ ਵਧਣ ਦੇ ਆਸਾਰ ਹਨ। ਅੱਜ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵਿਨੀਤ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਤੱਪਾਖੇੜਾ ਸਮੇਤ ਹਲਕੇ ਦੇ ਕਈ ਮੀਂਹ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਪਿੰਡਾਂ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕਰਕੇ ਸਥਿਤੀ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲਿਆ।

ਤੱਪਾਖੇੜਾ ਦੇ ਨੀਟੂ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਸੁੱਚਜੀ ਨਿਕਾਸੀ ਨਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਪਿੰਡ 'ਚ ਬਾਹਰੀ ਪਾਣੀ ਦਾ ਦਬਾਅ ਵਧ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨੀ ਅਮਲਾ ਸਿਰਫ਼ ਛੱਪੜ 'ਤੇ ਗੇੜਾ ਮਾਰ ਕੇ ਚਲਾ ਗਿਆ। ਜਦਕਿ ਮਾਹੂਆਣਾ ਵਾਲੇ ਪਾਸਿਓਂ ਆਉਂਦੇ ਪਾਣੀਆਂ ਕਾਰਨ ਸਭ ਤੋਂ ਖ਼ਤਰੇ ਨਾਲ ਜੂਝ ਰਹੇ ਬਾਹਰੀ ਮਕਾਨਾਂ ਦੀ ਸਾਰ ਲੈਣ ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਪੁੱਜਿਆ।

ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵਿਨੀਤ ਕੁਮਾਰ ਦਾ ਪੱਖ ਲੈਣ ਖਾਤਰ ਕੋਈ ਫੋਨ ਕੀਤੇ ਗਏ ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਾਲ ਰਸੀਵ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ। ਲੰਬੀ ਦੇ ਨਾਇਬ ਤਹਿਸੀਲਦਾਰ ਭੋਲਾ ਰਾਮ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਤੱਪਾਖੇੜਾ 'ਚ ਰਾਹਤ ਕਾਰਜ ਜਾਰੀ ਹਨ। -93178-26100

06 July 2022

ਮੀਡੀਆ ਸਟਿੰਗ: ਮੁਕਤਸਰ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ 'ਚ ਸਿਖਲਾਈ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਲਈ ਬਿਨਾਂ ਰਸੀਦ ਵਸੂਲੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਰੁਪਏ



ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਸ਼ਾਂਤ

 ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ/ਲੰਬੀ: ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ 'ਚ ਸੂਬੇ ਵਿਚਲਾ ਅਸਲੀ 'ਬਦਲਾਅ' ਖੁੱਲ੍ਹੇਆਮ ਰੰਗ ਵਿਖਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ 'ਚ ਅਸਲਾ ਨਵੀਨੀਕਰਨ (ਰਿਨਿਊਲ) ਲਈ ਰਾਈਫ਼ਲ ਵੈਲਫੇਅਰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦੇ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਲਈ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਰੁਪਏ ਵਸੂਲੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਮਹਿੰਗੀ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਫੀਸ ਅਤੇ ਉੱਪਰੋਂ ਰਸੀਦ ਵੀ ਨਾ ਦੇਣ 'ਤੇ ਅਸਲਾ ਧਾਰਕਾਂ 'ਚ ਭਾਰੀ ਰੋਸ ਹੈ। ਇਸ ਨਾਲ ਜਨਤਾ 'ਚ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਬਦਲਾਅ ਨੀਤੀ ਦੇ ਉਲਟ 'ਸਾਖ਼' ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਰਹੀ ਹੈ।

ਰਿਵਾਲਵਰ/ਪਿਸਟਲ ਲਾਇਸੰਸ ਦੇ ਨਵੀਨੀਕਰਨ ਲਈ ਦੋ ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਤੇ ਬੰਦੂਕ ਲਈ ਅਸਲਾ ਧਾਰਕਾਂ ਤੋਂ ਇੱਕ ਹਜ਼ਾਰ ਲਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਜਦਕਿ ਸਾਂਝ ਕੇਂਦਰਾਂ 'ਤੇ ਅਸਲਾ ਨਵੀਨੀਕਰਨ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਫੀਸ ਕਰੀਬ 4 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਇਸਤੋਂ ਵੱਖਰੀ ਹੈ। ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ 'ਚ ਥਾਣਾ ਲੰਬੀ ਤਹਿਤ 'ਚ ਕਰੀਬ ਪੰਜ ਹਜ਼ਾਰ ਅਸਲਾ ਲਾਇਸੰਸ ਹਨ। ਖੇਤਰ ਵਿੱਚੋਂ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਰਸੀਦ ਰਕਮ ਵਸੂਲੀ ਬਾਰੇ ਜਨਤਕ ਸੂਚਨਾਵਾਂ 'ਤੇ ਇਸ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧ ਨੇ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ ਪੁੱਜ ਕੇ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਰਸੀਦ ਤੋਂ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਰੁਪਏ ਦੀ ਵਸੂਲੀ ਨੂੰ ਅੱਖੀਂ ਵਾਚਿਆ ਅਤੇ ਮੌਕੇ ਦੇ ਵੀਡੀਓ ਤੱਥ ਜੁਟਾਏ। ਰੇਂਜ ਆਰਮੋਰ ਬਰਾਂਚ ਵਿਖੇ ਤਿੰਨ ਦਿਨਾਂ ਵਾਲੀ ਅਸਲਾ ਸਿਖਲਾਈ ਕਰੀਬ ਸਵਾ ਤਿੰਨ ਮਿੰਟਾਂ 'ਚ ਨਿਪਟਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।

ਹਕੀਕਤ ਵਿੱਚ ਅਸਲਾ ਨਵੀਨੀਕਰਨ ਦੇ ਨਾਂਅ 'ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ 'ਚ ਅਸਲੇ ਜਿਹੇ ਗੰਭੀਰ ਮਸਲੇ 'ਤੇ ਸਿਖਲਾਈ ਦੇ ਨਾਂਅ 'ਤੇ ਸਿੱਧਾ ਖਿਲਵਾੜ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਅਸਲਾ ਨਵੀਨੀਕਰਨ 'ਚ ਬੇਹੱਦ ਮਹਿੰਗੀ ਅਤੇ 'ਫੋਕੀ' ਸਿਖਲਾਈ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਲਈ ਬਦਨਾਮੀ ਦਾ ਦਾਗ ਬਣ ਰਹੇ ਹਨ। ਸੰਗੀਨਾਂ ਦੇ ਸ਼ੌਕੀਨ ਅਸਲਾ ਧਾਰਕ ਕਿਸੇ ਨਵੇਂ ਪੰਗੇ 'ਚ ਪੈਣ ਦੀ ਜਗ੍ਹਾ ਦੁੱਖੀ ਮਨ ਨਾਲ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਰੁਪਏ ਦੀ ਕਥਿਤ ਚੱਟੀ ਭੁਗਤ ਰਹੇ ਹਨ। ਆਰਥਿਕਤਾ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆ ਅਸਲਾ ਨਵੀਨੀਕਰਨ ਲਈ ਇਹ ਫੰਡਾ ਪਿੱਛੇ ਜਿਹੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਸੂਤਰਾਂ ਮੁਤਾਬਕ ਹੁਣ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ ਤੋਂ ਨੇੜਲੀ ਨਵੀਨੀਕਰਨ ਤਰੀਕ ਵਾਲੇ ਅਸਲਾ ਧਾਰਕਾਂ ਨੂੰ ਸਿੱਧਾ ਸੱਦਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਕਥਿਤ 'ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਰਸੀਦ' ਵਾਲੇ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਜਾਰੀ ਹੋ ਸਕਣ।

ਲਾਇਸੰਸ ਨਵੀਨੀਕਰਨ ਲਈ ਸਿਖਲਾਈ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਲੈਣ ਪੁੱਜੇ ਕਿੱਲਿਆਂਵਾਲੀ ਵਾਸੀ ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਸਤੋਂ ਪੁਲੀਸ ਲਾਈਨ 'ਚ ਰਾਇਫ਼ਲ ਤੇ ਰਿਵਾਲਵਰ ਲਾਇਸੰਸ ਖਾਤਰ ਸਿਖਲਾਈ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਲਈ ਮੌਜੂਦ ਅਮਲੇ ਨੇ ਤਿੰਨ ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਲਏ, ਪਰ ਮੰਗਣ 'ਤੇ ਵੀ ਰਸੀਦ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੀ। ਉਸਨੂੰ ਕਿਹਾ ਕਿ ਰਸੀਦ ਤੁਹਾਡੇ ਥਾਣੇ ਪਹੁੰਚਾ ਦੇਵਾਂਗੇ।

ਨਛੱਤਰ ਸਿੰਘ ਹਾਲ ਵਾਸੀ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਨੇ ਵੀ ਸਿਖਲਾਈ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਲਈ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਰਸੀਦ ਦੋ ਹਜ਼ਾਰ ਤੇ ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਵਾਸੀ ਔਲਖ ਨੇ ਦੋ ਅਸਲਿਆਂ ਲਈ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਰਸੀਦ ਦੇ 3 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਵਸੂਲੇ ਜਾਣ ਦੀ ਗੱਲ ਆਖੀ।

ਮੀਡੀਆ ਨੇ ਪੁਖਤਗੀ ਲਈ ਬਰਾਂਚ ਸੀਟ 'ਤੇ ਮੌਜੂਦ ਹੌਲਦਾਰ ਨੂੰ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਤਿੰਨ ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਸਿਖਲਾਈ ਦੇ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਅਤੇ ਤਿੰਨ ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਵਗੈਰ ਰਸੀਦ ਬਾਰੇ ਪੁੱਛਿਆ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਖਿਝ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ 'ਜਾਓ, ਫਿਰ ਉਥੇ ਜਾ ਕੇ ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ ਤੋਂ ਤਿੰਨ ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਸਿਖਲਾਈ ਲੈ ਲਵੋ। ਸਾਨੂੰ ਨਹੀਂ ਕੁੱਝ ਪਤਾ, ਅਫ਼ਸਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰੋ।' ਕਿਹਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਕਿ ਨਵੀਨੀਕਰਨ ਸਮੇਂ ਵੀ ਅਸਲਾ ਧਾਰਕ ਨੂੰ ਤਿੰਨਾਂ ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਸਿਖਲਾਈ ਦੇਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ।

ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਪੱਖ ਲੈਣ ਸਮੇਂ ਅਫ਼ਸਰਸ਼ਾਹੀ ਦੀ ਗੱਲਬਾਤ ਵਿੱਚੋਂ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੀ ਨੀਤੀਆਂ ਵਾਲੀ ਸਪੱਸ਼ਟਤਾ/ਪਾਰਦਰਸ਼ਿਤਾ ਕਿਧਰੇ ਨਜ਼ਰ ਨਹੀਂ ਆਈ। ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ 'ਚ ਸਿਖਲਾਈ ਦੇਣ ਵਾਲੀ ਰੇਂਜ ਆਰਮੋਰ ਬਰਾਂਚ ਦੇ ਮੁਖੀ ਏ.ਐਸ.ਆਈ ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਕੀ ਕਰੀਏ ਲੋਕ ਕਾਹਲੀ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਪੱਤਰ ਤਾਂ ਤਿੰਨਾਂ ਦਿਨਾਂ ਸਿਖਲਾਈ ਦਾ ਆਇਆ ਹੋਇਆ ਹੈ।

ਬਰਾਂਚ ਮੁਖੀ ਕਰਮਜੀਤ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਐਚ.ਡੀ.ਐਫ਼.ਸੀ ਬੈਂਕ 'ਚ ਖਾਤਾ ਖੁਲ੍ਹਵਾਇਆ ਹੈ ਤੇ ਰਸੀਦ ਵੀ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ। ਐਸ.ਪੀ (ਐਚ) ਜਗਦੀਸ਼ ਬਿਸ਼ਨੋਈ ਨੂੰ ਪੱਖ ਲਈ ਕਾਲ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਉਹ ਅੱਧਵਿਚਕਾਰ ਫੋਨ ਕਾਲ ਕੱਟ ਗਏ ਅਤੇ ਮੁੜ ਕਾਲ ਰਸੀਵ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ। ਪੁਲਿਸ ਸੀ.ਪੀ.ਆਰ.ਸੀ. ਬਰਾਂਚ ਦੇ ਮੁਖੀ ਇੰਸਪੈਕਟਰ ਦਿਨੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਉਹ ਛੁੱਟੀ 'ਤੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇੱਕ ਹੋਰ ਮੁਲਾਜਮ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਨਾਲ ਰਾਬਤਾ ਕਰਨ ਨੂੰ ਆਖਿਆ। ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਨੇ ਮੁੜ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਬਰਾਂਚ ਦਾ ਰਾਹ ਵਿਖਾ ਦਿੱਤਾ।

ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੁਲਿਸ ਮੁਖੀ ਧਰੁਮਨ ਨਿੰਬਲੇ ਨੇ ਫੋਨ ਕਾਲ 'ਤੇ ਗੱਲ ਕਰਨ ਦੀ ਬਜਾਇ ਵੱਟਸਐਪ ਚੈਟ 'ਤੇ ਦਿੱਤੇ ਪੱਖ 'ਚ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਪੜਤਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਤੁਸੀਂ ਸਬੂਤ ਭੇਜ ਦਿਓ। ਜ਼ਿਕਰਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪੁਲੀਸ ਮੁਖੀ ਦਾ ਦਫ਼ਤਰ ਅਤੇ ਅਸਲਾ ਸਿਖਲਾਈ ਅਤੇ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਬਰਾਂਚ ਇਹ ਸਾਰੇ ਹੀ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ ਅੰਦਰ ਸਥਿਤ ਹਨ। 

 

26 June 2022

ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਆਪ ਦਾ ਕਿਲ੍ਹਾ ਜਿੱਤ ਕੇ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨੇ 'ਚ ਲਿਆਂਦਾ 'ਨਵਾਂ ਬਦਲਾਅ'


ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਸ਼ਾਂਤ 

ਸੰਗਰੂਰ: ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸਿਆਸਤ 'ਚ 'ਵਨ ਮੈਨ ਆਰਮੀ' ਵਜੋਂ ਵੇਖੇ ਜਾਂਦੇ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ) ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਸੰਗਰੂਰ ਦੀ ਸਰਜਮੀਂ 'ਤੇ ਆਪ ਸਮੇਤ ਸਾਰੀਆਂ ਵਿਰੋਧੀ ਧਿਰਾਂ ਧਰਾਸ਼ਾਈ ਕਰ ਦਿੱਤੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਬੇਹੱਦ ਫਸਵੇਂ ਮੁਕਾਬਲੇ 'ਚ ਸੰਗਰੂਰ ਲੋਕਸਭਾ ਦੀ ਜ਼ਿਮਨੀ ਚੋਣ ਕਰੀਬ 5822 ਵੋਟਾਂ ਦੇ ਫ਼ਰਕ ਨਾਲ ਜਿੱਤ ਲਈ ਹੈ। ਉਹ ਆਪ ਦੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਹਰਾ ਕੇ ਕਰੀਬ 23 ਸਾਲਾਂ ਬਾਅਦ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਲੋਕਸਭਾ ਦੀ ਪੌੜੀ ਚੜ੍ਹੇ ਹਨ।

ਇਨ੍ਹਾਂ ਚੋਣ ਨਤੀਜਿਆਂ ਨਾਲ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾਂ ਬੰਪਰ ਬਹੁਮਤ ਨਾਲ ਸੱਤਾ 'ਚ ਆਈ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਉਸਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੇ ਗੜ੍ਹ 'ਚ ਪਹਿਲੇ ਸਿਆਸਤ ਇਮਤਿਹਾਨ 'ਚ ਫੇਲ੍ਹ ਹੋ ਗਈ। ਚੋਣ ਨਤੀਜਿਆਂ ਮੁਤਾਬਕ ਕਾਂਗਰਸ, ਭਾਜਪਾ ਅਤੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਸਮੇਤ ਬਾਕੀ ਸਾਰੇ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਦੀ ਜ਼ਮਾਨਤ ਜ਼ਬਤ ਹੋ ਗਈ ਹੈ।

ਸੰਗਰੂਰ ਸੀਟ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਸਹੁੰ ਚੁੱਕਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਅਸਤੀਫ਼ਾ ਦੇਣ ਕਰਕੇ ਖਾਲੀ ਹੋਈ ਸੀ। ਬੀਤੇ ਵਿਧਾਨਸਭਾ ਚੋਣਾਂ 'ਚ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਸੰਗਰੂਰ ਲੋਕਸਭਾ ਹਲਕੇ ਦੀਆਂ 9 ਵਿਧਾਨਸਭਾ ਸੀਟਾਂ 'ਤੇ ਗੱਜਵੀਂ ਜਿੱਤ ਦਰਜ ਕੀਤੀ ਸੀ। ਸੰਗਰੂਰ ਜ਼ਿਮਨੀ ਚੋਣ 'ਚ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਕੌਮੀ ਕਨਵੀਨਰ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਅਤੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦਾ ਧੂੰਆਂਧਾਰ ਪ੍ਰਚਾਰ ਵੀ ਰੰਗ ਨਾ ਵਿਖਾ ਸਕਿਆ।

ਇਨ੍ਹਾਂ ਚੋਣ ਨਤੀਜਿਆਂ ਨੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਵਿਧਾਨਸਭਾ ਚੋਣਾਂ 'ਚ ਵੋਟਰਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀਆਂ ਵਾਅਦੇ ਭਰੀਆਂ ਗਾਰੰਟੀਆਂ 'ਤੇ ਘਟਦੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਨੂੰ ਜਾਹਰ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਇਹ ਨਾਮੋਸ਼ੀਜਨਕ ਹਾਰ ਨੇ 92 ਵਿਧਾਇਕਾਂ ਦੇ ਬਹੁਮਤ ਵਾਲੀ 'ਆਪ' ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਲਈ ਕੰਮਕਾਜ 'ਚ ਵੱਡੇ ਸੁਧਾਰ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਮੰਥਨ ਦੇ ਹਾਲਾਤ ਪੈਦਾ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਚੋਣ ਨਤੀਜਿਆਂ 'ਤੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਘਟਾਏ ਜਾਣ ਮਗਰੋਂ ਪੰਜਾਬੀ ਗਾਇਕ ਸਿੱਧੂ ਮੂਸੇਵਾਲ ਦੀ ਹੱਤਿਆ ਕਾਰਨ ਪੈਦਾ ਹੋਇਆ ਲੋਕ-ਰੋਹ ਦਾ ਵੀ ਵੱਡਾ ਅਸਰ ਰਿਹਾ ਹੈ।

ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਇੱਕ-ਦੋ ਰਾਊਂਡਾਂ ਨੂੰ ਛੱਡ ਕੇ ਲਗਾਤਾਰ ਸਾਰੇ ਰਾਊਂਡਾਂ 'ਚ ਬੜ੍ਹਤ ਬਣਾਏ ਰੱਖੀ। ਕਾਂਗਰਸ, ਭਾਜਪਾ ਅਤੇ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਬਾਦਲ) ਦੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਗਿਣਤੀ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਦੌਰ 'ਚ ਹੀ ਪਛੜ ਗਏ ਸਨ, ਜੋ ਕਿ ਵੋਟਾਂ ਦੀ ਪੂਰੀ ਗਿਣਤੀ ਦੌਰਾਨ ਮੁਕਾਬਲੇ 'ਚ ਆ ਹੀ ਨਹੀਂ ਸਕੇ। ਵਾਰ-ਵਾਰ ਬਹੁਤ ਛੋਟੀ-ਛੋਟੀ ਘਟਤ-ਬੜ੍ਹਤ ਨੇ ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਅਤੇ ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ ਦੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਧੜਕੂ ਲਗਾਈ ਰੱਖਿਆ। ਗਿਣਤੀ ਦੇ ਅੱਧ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨਤੀਜੇ ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਦੇ ਪੱਖ ਵਿਚ ਨਜ਼ਰ ਆਉਂਣ ਲੱਗੇ। 

24 ਜੂਨ ਨੂੰ ਜ਼ਿਮਨੀ ਚੋਣ 'ਚ ਲਗਪਗ 37 ਫ਼ੀਸਦੀ ਵੋਟਾਂ ਪੋਲਿੰਗ ਹੋਈ ਸੀ। ਜਿੱਤ ਦਾ ਪਰਚੰਮ ਲਹਿਰਾਉਣ ਵਾਲੇ ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੂੰ ਕਰੀਬ 38.1 ਵੋਟਾ ਨਾਲ ਦੇ ਜੇਤੂ ਰਹੇ। ਜਦਕਿ ਆਪ ਦੇ ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ ਨੂੰ 34.1 ਫ਼ੀਸਦੀ ਹਾਸਲ ਕਰ ਸਕੇ। ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਦਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਗੋਲਡੀ ਵੋਟਾਂ 11.21 ਫ਼ੀਸਦੀ ਵੋਟਾਂ ਨਾਲ ਤੀਸਰੇ ਨੰਬਰ 'ਤੇ ਰਹੇ। ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਕੇਵਲ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ ਨੇ ਵੋਟਾਂ 9.33 ਵੋਟਾਂ ਨਾਲ ਚੌਥਾ ਨੰਬਰ ਲਿਆ। ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਉਭਾਰ ਕੇ ਚੋਣ ਲੜਨ ਵਾਲੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ (ਬਾਦਲ) ਨੂੰ ਮੂੰਹ ਦੀ ਖਾਣੀ ਪਈ ਹੈ। ਦਲ ਦੀ ਉਮੀਦਵਾਰ ਬੀਬੀ ਕਮਲਦੀਪ ਕੌਰ ਰਾਜੋਆਣਾ ਸਿਰਫ਼ 6.25 ਵੋਟਾਂ ਨਾਲ ਪੰਜਵੇਂ ਨੰਬਰ 'ਤੇ ਰਹੇ ਹਨ।

ਇਹ ਚੋਣ ਨਤੀਜਾ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਾਲੇ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਕਾਲੇ ਭਵਿੱਖ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਣ ਵਾਲਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਰਿਹਾਇਸ਼ 'ਤੇ ਕਿਲ੍ਹਾ ਸਰਦਾਰ ਹਰਨਾਮ ਸਿੰਘ ਵਿਖੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਅਤੇ ਭੰਗੜੇ ਦੇ ਜਸ਼ਨਾਂ ਦਾ ਦੌਰ ਹਾਂ-ਪੱਖੀ ਰੁਝਾਨਾਂ ਮਗਰੋਂ ਤੋਂ ਜਾਰੀ ਹੈ। ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਆਪਣੀ ਹਾਰ ਕਬੂਲਦੇ ਹੋਏ ਜੇਤੂ ਉਮੀਦਵਾਰ ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੂੰ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ ਹੈ।


23 ਸਾਲਾਂ ਬਾਅਦ ਲੋਕਸਭਾ 'ਚ ਗੂੰਜੇਗੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਬੇਬਾਕ ਆਵਾਜ਼: ਸਵਾ ਦੋ ਦਹਾਕਿਆਂ ਬਾਅਦ ਪੰਜਾਬ, ਪੰਜਾਬੀ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਮਸਲਿਆਂ ਦੀ ਬੁਲੰਦ ਅਤੇ ਬੇਬਾਕ ਆਵਾਜ਼ ਸ੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਪੰਚਾਇਤ ਲੋਕਸਭਾ 'ਚ ਗੂੰਜੇਗੀ। ਖਾਲਿਸਤਾਨ ਦੀ ਮੰਗ ਦੇ ਮੁੱਦਈ ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ 1989 ਅਤੇ 1999 'ਚ ਲੋਕਸਭਾ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਰਹਿ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਉਹ ਸਿਰਫ 22 ਵਰ੍ਹਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ 'ਚ 1967 ਦੇ ਭਾਰਤੀ ਪੁਲਿਸ ਸਰਵਿਸਜ਼ (ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ.) ਬੈਚ ਵਿੱਚ ਚੁਣੇ ਗਏ ਸਨ। ਉਹ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ 'ਚ ਐਸ.ਪੀ, ਵਿਜੀਲੈਂਸ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਫਿਰ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਵਜੋਂ ਤਾਇਨਾਤ ਰਹੇ। ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਦੀ ਨੌਕਰੀ ਦੌਰਾਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਦੂਰ ਮਹਾਰਾਸ਼ਟਰ ਵਿੱਚ ਬਤੌਰ ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ. ਤਾਇਨਾਤ ਕਰਕੇ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਸਪ। ਉਸੇ ਦੌਰਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਦਰਬਾਰ ਸਾਹਿਬ 'ਤੇ ਫੌਜੀ ਹਮਲਾ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਜਿਸਦੀ ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਦੇ ਮਨ ਬੜੀ ਠੇਸ ਪੁੱਜੀ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ 17 ਜੂਨ 1984 ਨੂੰ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਦੀ ਨੌਕਰੀ ਤੋਂ ਅਸਤੀਫਾ ਦੇ ਦਿੱਤਾ। -93178-26100